चमोली आपदा: मलबे में मिली मां और जुड़वां बेटों की लाश, देखकर रो पड़े लोग
चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र के कुंतरी गांव में आई आपदा ने एक परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। पहाड़ी से अचानक आए मलबे और पानी के सैलाब ने गांव में भारी तबाही मचाई। इसी दौरान एक मकान के ढहने से मां और उसके दो जुड़वां बेटों की मौत हो गई। जब बचाव दल ने मलबा हटाया तो बच्चों को अपनी मां से लिपटा पाया। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें भर आईं।
यह हादसा देर रात करीब दो बजे हुआ। ग्रामीण अपने घरों में सो रहे थे कि तभी अचानक मलबा और पानी का तेज बहाव आया। कुंवर सिंह का परिवार भी घर में मौजूद था। उनकी पत्नी कांति देवी और 10 साल के जुड़वां बेटे—विकास और विशाल—मलबे में दब गए। सुबह राहत-बचाव अभियान शुरू होने पर कुंवर सिंह की हल्की आवाज सुनाई दी। रोशनदान खुले होने के कारण उन्हें सांस लेने में मदद मिली और उनकी जान बच गई। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी पत्नी और दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
एनडीआरएफ टीम के एक सदस्य ने बताया कि जब कमरे से मलबा हटाया गया, तो लेंटर का बीम बच्चों के ऊपर गिरा हुआ था और वे अपनी मां के गले से लिपटे मिले। इस मंजर ने हर किसी को भावुक कर दिया। शव बाहर निकालते ही पूरा गांव शोक में डूब गया।
पहले से दुख झेल रहा परिवार और टूटा सहारा
कुंतरी गांव की इस आपदा ने एक ऐसे परिवार को भी गहरा आघात पहुंचाया, जो पहले ही कई परेशानियों से गुजर रहा था। जगदंबा प्रसाद और उनकी पत्नी भागा देवी अपनी बेटियों और नाती-नातिनों का सहारा बने हुए थे। करीब दस साल पहले उनके बेटे का निधन हो गया था। बड़ी बेटी लक्ष्मी भी कुछ साल पहले चल बसी थी, जबकि उसका पति उससे पहले ही गुजर चुका था। लक्ष्मी के बच्चों की जिम्मेदारी नाना-नानी ने उठाई।
इसी तरह सबसे छोटी बेटी सोनी के पति की भी पिछले साल मौत हो गई थी। उसकी देखभाल का बोझ भी जगदंबा दंपती पर आ गया। एक और बेटी का पति भी पहले ही गुजर चुका था। ऐसे में यह बुजुर्ग दंपती परिवार के लिए सहारा बने हुए थे। लेकिन हालिया आपदा में दोनों की जान चली गई। इस त्रासदी ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
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22 September 2025
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